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मंगलवार, 22 मार्च 2011

जोखिम निवारक तकनीक - अलारा

हमारे पिछले एक ब्लॉग में हमने जोखिम न्यूनीकरण अवधारणाओं की बात की थी, और जोखिम न्यूनीकरण के अभिगम के तौर पर अलार्प (एझ लो एझ रिज्नेबली प्रेक्तिकेबल - बाजिब तौर पर हो सके उतना कम ) की चर्चा की थी | जोखिम प्रबंधन क्षेत्र में जोखिम कम करने के द्रष्टिकोण के विभिन्न अभिगम और अवधारणाओं को स्पष्ट करने का हमारा प्रयास है | व्यापक रूप से प्रयोग और जात अवधारणाऐ अलारा (एझ लो एझ रिज्नेबली एचिवेबल - बाजिब तौर पर सिध्ध हो सके उतना कम) और सफार्प ( सो फार एझ इझ रिज्नेबली प्रेक्तिकेबल - बाजिब तौर पर हो सके उतना ) इन अवधारणाओं का मुख्य उद्देश सुरक्षा प्राप्त के प्रयास हो तब स्पष्टता पूरी करने का है |
इस लेख में अलारा पर चर्चा करेंगे |

अलारा रेडिओएक्टिव संपर्क से मनुष्य को होनेवाले जोखिम को कम करने के लिए 'विकिरण संरक्षण' के क्षेत्र में जोखिम न्यूनीकरण तकनीक है | उसमे शामिल तमाम अनिश्चिचतता के साथ सभी सामाजिक और आर्थिक घटकों को विचार में शामिल होने के उचित कदम सुरक्षा के लिए लिया जाना जरुरी है, दुसरे शब्दों में, मात्रा की मर्यादा से नीचे विकिरण संपर्क कम करने के तमाम प्रयास करने चाहिए | अलारा विश्वभर में तमाम विकिरण सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए विनियामक आवश्यकता है, और एक ध्वनि सुरक्षा सिध्धांत हो सकता है | जोखिम कायमी है, इसलिए अलारा की तुलना में अलार्प सख्त मानक बन जाता है |

उदा. नोर्थ केरोलिना स्टेट युनिवर्सिटी (एनसीएसयु) का विकिरण सुरक्षा कार्यक्रम कार्यकर्ता के संपर्क में आती विकिरण मात्रा खर्च का असर घटाने का एक प्रयास है जो की लागत-सार्थक हो सके| हरेक विकिरण मात्रा प्रतिकूल प्रभाव रखती है, जिससे जनीन विकृति और केन्सर का खतरा बढ़ सकता है | अलारा में शामिल सभी लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबध्दता की आवश्यकता है | नियामक अनुपालन के लिए विकिरण कार्यकर्त्ताओं को क़ानूनी तरीके से नियंत्रित मात्रा पर चलना जरुरी है, जिसके लिए दिशा-निर्देशों और नियमो उत्तरी केरोलिना कोड में है |

चित्र को ध्यान से देखिए | 'सह्य क्षेत्र' और 'अस्वीकार्य क्षेत्र' के बिच स्पष्ट भेदरेखा है | क्योंकि प्रथम क्षेत्र में जो लाभ वांछित हो तो ही जोखिम लिया जाता है और दूसरे में जोखिम का स्तर स्वीकार्य नहीं है और सतत निगरानी के अधीन है | इस बात को समझने के लिए कार्यालय निर्माण और उसके सामने अस्पताल निर्माण के सुरक्षा करार की तुलना की जा सकती है |


मंगलवार, 23 नवंबर 2010

आपदा निवारण के अभिगम (अलार्प अभिगम)

कार्य या खेल के दौरान की जानेवाली क्रियाएं खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए हम स्वाभाविक तौर पर इन अप्रत्याशित अकस्मात या आपदाओं से बचने के लिए सावधानियां बरतते है। खतरा हर जगह होता है, मगर एक सवाल यह उठता है कि क्या किसी व्यक्ति को जान, संपत्ति या आर्थिक नुकसान की मात्रा शून्य न सही मगर न्यूनतम करने का प्रयास करने की आवश्यकता है या नहीं? अगर इस प्रश्न का जवाब हाँ है तो, किस प्रकार से और कितना प्रयास करने की जरूरत है।

इस संदर्भ में, कोई व्यक्ति अभिगमों के बारे में बात कर सकता है या ऐसी बूनियादी व्यवस्था की बात कर सकता है, जिसका उपयोग आपदा निवारण के अभिगमों को व्याख्यायित करने में किया जा सकता है। निम्नलिखित ऐसे कुछ अभिगम है:

. वाजिब तौर पर हो सके उतना कम (अलार्प)

. वाजिब तौर पर प्राप्त किया जा सकता हो उतना कम (अलारा)

. वाजिब तौर पर हो सके इतना व्यवहार्य (सफार्प)

. और भी हो सकते हैं

इस पोस्ट में हम अलार्प के बारे में चर्चा करेंगे। अलार्प का मतलब वाजिब तौर पर हो सके उतना कम करना’ । प्राप्य श्रेष्ठ प्रणाली और मानकों का उपयोग करके आपत्ति में जितना संभव हो सके उतनी कटौती करने के अभिगम को अलार्प कह सकते है। यहां श्रेष्ठ प्रणाली’ का मतलब व्यवहार्य पर्यावरणीय परिस्थितियों में उपलब्ध श्रेष्ठ प्रौद्योगिकी को कहा जा सकता है। ज्यादा समझ के लिए नोल की साईट देख सकते है। और निम्ननिर्दिष्ट आकृति भी देखें।

अलार्प की व्याख्या के लिए एच. एस. सी भी देखें, और यह भी देखें की वह कैसे बनी। एडवर्ड विरुद्ध नेशनल कोल बोर्ड, १९४९ केस के आधार पर १९७४ में अधिनियम बना। यात्रा के दौरान रास्ते का एक हिस्सा तूट जाने की वजह से एडवर्ड का जानलेवा अकस्मात हुआ। सेफ्टी हेल्थ एन्वायर्नमेन्ट लि. के ब्लोग में उपरोक्त घटना का उल्लेख किया गया है, जहां पर अकस्मात हुआ था उन हिस्सों के रस्ते में लकड़े का आधार नहीं था, उसे छोड़कर बाकी के हिस्सों में आधार योग्य था। नेशनल कोल बोर्ड के जज लोर्ड एस्क्विथ ने निर्णय लिया कि रास्ते के इस हिस्से के सिवाय बाकी के हिस्से में मरम्मत की आवश्यकता नहीं थी। अपील कोर्ट ने बाद में यह निर्णय लिया कि अगर परिणाम’ और ‘खतरे का प्रमाण कम हो और खतरे में कटौति करने में ज़रूरी ‘कदम की कीमत ज़्यादा हो, तो उस कीमत को चुकाना गेरवाजिब होगा। ब्रिटन के अधिनियम (कार्य इत्यादी स्थलों स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिनियम १९७४) ने बाद में अलार्प को व्याख्याइत किया और कार्य करने के स्थलों पर तमाम उपकरण और प्रणाली सलामत हों और स्वास्थ्य या जीवन के लिये जोखिमरूप न हो, यह सूनिश्चित किया।

आर्थिक अर्थ में, अलार्प किमत-लाभ पर आधारित खतरे की कटौति पर निर्भर करता है, जिसमें लाभ कीमत से ज़्यादा होना चाहिए।



आकृति: एक लाक्षणिक आपदा निवारण अभिगम डायाग्राम

इसलिए वह जोखिम और लाभ को संतुलित करनेवाली श्रेष्ट सामान्य प्रणाली है। अलार्प अन्य देशों में ब्रिटन के जैसे उपयोग में नहीं लिया जाता, क्योंकि उसका स्थानिक संस्कृति के आधार पर अर्थघटन होती है। अलारा और स्फैर्प जैसे अन्य भी अभिगम है जिनकी नोंध ली जानी चाहिए।

अन्य संदर्भ स्रोत एवं लिंक्स: